Preview
About this track
गुलाबी शाम का रास्ता — Free royalty-free ballad music for YouTube, streaming, podcasts. Duration 2:33. No attribution required.
AI Generation Prompt
Male vocalist, raw and emotional, indie delivery, opens immediately with vocals, zero-second intro, first note is the voice, ballad music style, romantic mood, tender, lush production, intimate atmosphere, emotional storytelling, professional studio production, clear vocals, high quality mastering, Indian Pop, Ballad, Romantic, Melancholic, Nostalgic
Lyrics
[Chorus]
गुलाबी शाम में खो गया रास्ता
बिजली सी छू गई उंगलियाँ
[Verse]
पुरानी दिल्ली की गलियों में,
खुशबू और मसालों का शोर।
मैं ढूंढ रहा था वो पल,
जो कैमरे में हो कैद, मगर।
तेरी साड़ी उलझी दीवारों से,
सोने के फूलों के हार से,
नज़रें मिलीं, पल रुका,
जैसे ठहरा हो हर पहर।
[Pre-Chorus]
वो धीमी सी आहट, वो कानाफूसी,
जैसे रील घूमती पुरानी,
मंदिर की घंटी की आवाज़,
सांसों में घुलती सुहानी।
[Chorus]
गुलाबी शाम में खो गया रास्ता
बिजली सी छू गई उंगलियाँ
[Verse]
तेरी आँखों में वो कशिश,
जैसे बरसों का राज छुपा हो।
मेरे दिल में एक हलचल,
जैसे तूफ़ान मचा हो।
तेरी हँसी की वो खनक,
मेरे कानों में गूंज गई,
इस भीड़ में, इस शोर में,
बस तू ही तू नज़र आई।
[Pre-Chorus]
वो धीमी सी आहट, वो कानाफूसी,
जैसे रील घूमती पुरानी,
मंदिर की घंटी की आवाज़,
सांसों में घुलती सुहानी।
[Chorus]
गुलाबी शाम में खो गया रास्ता
बिजली सी छू गई उंगलियाँ
[Bridge]
पंखों को खोल के उड़ते,
जैसे आज़ाद परिंदे।
इस पल को थाम ले दिल,
ये लम्हे ना हों फीके।
[Verse]
फिर एक पल, हवा का झोंका,
ले उड़ा वो सुनहरा हार।
बस तेरी यादें रह गईं,
और ये धुंधला सा बाज़ार।
शायद ये मुलाकात थी,
बस एक ख़्वाब का नज़ारा,
या किस्मत ने लिखा था,
कुछ ऐसा ही इशारा।
[Chorus]
गुलाबी शाम में खो गया रास्ता
बिजली सी छू गई उंगलियाँ
[Outro]
Track Details
| Genre | ballad |
| Mood | romantic |
| Scene | — |
| Primary Instrument | male |
| Voice Type | male |
| Duration | 2:33 |
| File Size | 4MB |
| Language | 🇮🇳 हिन्दी |
| Lyrics | ✓ Available |
| Created | 2026-05-23 |