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नीला दरवाज़ा — Free royalty-free folk music for YouTube, streaming, podcasts. Duration 2:54. No attribution required.
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Female vocalist, soulful, husky tone, intimate delivery, opens immediately with vocals, zero-second intro, first note is the voice, folk music style, tranquil mood, acoustic guitar, fingerpicking, intimate and raw, minimalist, quiet dynamics, serene atmosphere, emotional storytelling, professional studio production, clear vocals, high quality mastering, Indian Folk Ballad, Kashmiri, Serene, Poetic, First-Person
Lyrics
[Chorus]
सुबह की पहली किरण, मेरे हाथों में है
ये पहाड़ का पानी, मेरी प्यास बुझाए
खिले हैं गुड़हल, आँगन में मेरे
जैसे मेरे सपने, हर पल खिलते जाएँ
[Verse]
नंगे पाँव फिसलूँ, गीली सीढ़ियों पर
ठंडी हवा छुए, मेरे कानों को ये
नीला दरवाज़ा, रंग उसका फीका
कल की यादों सा, धीरे से पुकारे
[Pre-Chorus]
ताँबे की केतली से, भाप उड़ती है
धीरे-धीरे, जैसे कोई धुन बजती है
दूर से आती, भेड़ों की घंटियाँ
मेरी लोरी में, खुद ही मिल जाती हैं
[Chorus]
सुबह की पहली किरण, मेरे हाथों में है
ये पहाड़ का पानी, मेरी प्यास बुझाए
खिले हैं गुड़हल, आँगन में मेरे
जैसे मेरे सपने, हर पल खिलते जाएँ
[Verse]
एक-एक ओस की बूँद, मैं गिनता जाऊँ
फूलों की पंखुड़ियों पर, मोती सजाऊँ
कोई पुराना गीत, हौले से गाऊँ
जैसे माँ की गोद में, मैं सो जाऊँ
[Bridge]
ये ख़ामोशी ऐसी, जैसे ध्यान लगा हो
हर पल जीता हूँ, जैसे सब कुछ नया हो
मिट्टी से रिश्ता, सदियों पुराना
हर घड़ा मेरा, एक कहानी सुना
[Chorus]
सुबह की पहली किरण, मेरे हाथों में है
ये पहाड़ का पानी, मेरी प्यास बुझाए
खिले हैं गुड़हल, आँगन में मेरे
जैसे मेरे सपने, हर पल खिलते जाएँ
[Verse]
चिड़ियों की चहचाहट, कानों में गूँजे
पहाड़ों की छाँव में, मेरा मन झूमे
ये शांति ऐसी, जो कहीं और न मिले
मेरी दुनिया यहीं, मेरी आत्मा खिले
[Outro]
Track Details
| Genre | folk |
| Mood | tranquil |
| Scene | — |
| Primary Instrument | female |
| Voice Type | female |
| Duration | 2:54 |
| File Size | 5MB |
| Language | 🇮🇳 हिन्दी |
| Lyrics | ✓ Available |
| Created | 2026-05-09 |