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वो गलियाँ — Free royalty-free ballad music for YouTube, streaming, podcasts. Duration 3:24. No attribution required.
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Lyrics
[Chorus]
वो बरखा की रात, वो गलियों की बात
आज भी है मुझमें, जैसे कल की बात
तीस बरस बीते, पर दिल वही है
मेरे बचपन की वो गलियाँ, वो गलियाँ
[Verse]
धुंधला सा चेहरा, शीशे पे नाम
'कैंची और कंघी', फीका है पैगाम
लकड़ी का दरवाज़ा, खुला है थोड़ा
धूल जमी है, वक़्त का ये सोंधा
[Pre-Chorus]
सोचा था भूल जाऊँ, सब यादें पुरानी
पर ये हवाएँ, फिर ले आईं निशानी
वो कोना, वो कुर्सी, वो खामोश मंज़र
मेरे भीतर गूँजता, एक अनजाना सा स्वर
[Chorus]
वो बरखा की रात, वो गलियों की बात
आज भी है मुझमें, जैसे कल की बात
तीस बरस बीते, पर दिल वही है
मेरे बचपन की वो गलियाँ, वो गलियाँ
[Verse]
वो खामोश कैंची, वो पुराना ट्रिमर
मेज़ पे पड़ा है, शेविंग क्रीम का जार
दीवार पे कैलेंडर, थमा है जून '97
जैसे कल की ही हो, सारी बातें
[Pre-Chorus]
पिता का हाथ था, मेरे नन्हे हाथ में
बैठा था मैं, उनकी ही सूरत में
हाथ का पंखा से हवा करे, मच्छर भगाए
रेडियो पे गज़ल, धीरे-धीरे सुनाए
[Chorus]
वो बरखा की रात, वो गलियों की बात
आज भी है मुझमें, जैसे कल की बात
तीस बरस बीते, पर दिल वही है
मेरे बचपन की वो गलियाँ, वो गलियाँ
[Bridge]
वो आइसक्रीम की मिठास, जो गिरी थी शर्ट पे
वो गेंदे के फूल, जो बिकते थे नुक्कड़ पे
मिट्टी की ख़ुशबू, और चमेली की महक
बारिश के बाद की, वो प्यारी सी धमक
[Verse]
आधी गली तो, अब टूट चुकी है
पर वो महक, वो आवाज़, वहीं रुकी है
वो कैंची की जंग, वो कंघी की धार
मेरे ज़ेहन में, आज भी है बहार
[Outro]
Track Details
| Genre | ballad |
| Mood | nostalgic |
| Scene | — |
| Primary Instrument | female |
| Voice Type | female |
| Duration | 3:24 |
| File Size | 6MB |
| Language | 🇮🇳 हिन्दी |
| Lyrics | ✓ Available |
| Created | 2026-05-12 |