स्टेशन की केतली
Folk

स्टेशन की केतली

⏱ 3:17
▶  Play Now ← Back to Browse

About this track

स्टेशन की केतली — No copyright music, folk music royalty free. Copyright free music for YouTube, streaming, podcasts, and video creation. Duration 3:17. No attribution required.

AI Generation Prompt

Male vocalist, deep and resonant, narrative tone, immediate vocal entrance, no instrumental preamble, starts with lyrics, folk music style, farewell mood, acoustic guitar, fingerpicking, intimate and raw, emotional storytelling, professional studio production, clear vocals, high quality mastering, Indian Folk Ballad, Nostalgic, Emotional, Hindi Pop

Lyrics

[Chorus] धूल उड़ती है स्टेशन पे, शाम ढलने लगी मेरी चाय की केतली, आज फिर से जली एक अनजाना सा डर, दिल में घर कर गया जा रहा है मेरा बच्चा, शहर बड़ा हो गया [Verse] उत्तर प्रदेश के इस छोटे से शहर में पीतल की घंटियाँ बजतीं हर पहर में बैठा हूँ बेंच पे, लोहे की जंज़ीर चाय की खुशबू अब तेरे संग समीर [Pre-Chorus] वो पुकार तेरी, बचपन की गलियों से आज तेरी आँखों में दिल्ली की राहें ये खामोशी का मंज़र सहना है मुश्किल पकड़े हाथ तेरा, ये बूढ़ा हूँ काबिल [Chorus] धूल उड़ती है स्टेशन पे, शाम ढलने लगी मेरी चाय की केतली, आज फिर से जली एक अनजाना सा डर, दिल में घर कर गया जा रहा है मेरा बच्चा, शहर बड़ा हो गया [Verse] ये जंजीरें हैं जंग लगी, जैसे बीते लम्हे तेरे थैले में आज मैंने कुछ पैसे रखे मेरी भुनी हुई रोटी तुझको राह दिखाए ये मेरा प्यार है बेटा, तुझको दूर ले जाए [Pre-Chorus] तेरी आँखों में सपने, जैसे मोर के पंख पुराने बही-खाते में तूने सँजोए संग वो सीटी की आवाज़, और चीनी के कागज़ सब गूँज रहे कानों में, जैसे कोई साज़ [Chorus] धूल उड़ती है स्टेशन पे, शाम ढलने लगी मेरी चाय की केतली, आज फिर से जली एक अनजाना सा डर, दिल में घर कर गया जा रहा है मेरा बच्चा, शहर बड़ा हो गया [Bridge] तेरे कंधे पे हाथ मेरा, उंगलियों में दालचीनी ये विदाई की घड़ी है, तेरी आँखों में नमी जा, पढ़ लिख कुछ बन जा, दुनिया देखे सारी ये स्टेशन, ये शहर, तेरी यादें हैं प्यारी [Verse] ट्रेन चली है धीरे-धीरे, धुंआं छोड़ती जाए तू खिड़की से देखेगा, ये बूढ़ा तुझे बुलाए ये प्लेटफॉर्म गवाह है, तेरी हँसी, तेरे आँसू बड़ा हो गया मेरा छोरा, अब तू अपने पैरों पे चल [Chorus] धूल उड़ती है स्टेशन पे, शाम ढलने लगी मेरी चाय की केतली, आज फिर से जली एक अनजाना सा डर, दिल में घर कर गया जा रहा है मेरा बच्चा, शहर बड़ा हो गया [Outro]

Track Details

Genrefolk
Moodfarewell
Scene
Primary Instrumentmale
Voice Typemale
Duration3:17
File Size6MB
Language🇮🇳 हिन्दी
Lyrics✓ Available
Created2026-06-02

More like this

1 榕树下的叉烧包

榕树下的叉烧包

Other ⏱ 2:33
2 Bakır Tepsi Sesleri

Bakır Tepsi Sesleri

Other ⏱ 2:59
3 梅子酒,绿皮车

梅子酒,绿皮车

Other ⏱ 2:23
4 山腰茶香

山腰茶香

Other ⏱ 1:57
5 Honeysuckle Hours

Honeysuckle Hours

Other ⏱ 4:17