चंद्र ग्रहण की बावली
Ballad

चंद्र ग्रहण की बावली

⏱ 3:20
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रहस्यमयी रात
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रहस्यमयी रात

About this track

चंद्र ग्रहण की बावली — No copyright music, ballad music royalty free. Copyright free music for YouTube, streaming, podcasts, and video creation. Duration 3:20. No attribution required.

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Female vocalist, soulful, husky tone, intimate delivery, immediate vocal entrance, no instrumental preamble, starts with lyrics, ballad music style, mysterious mood, emotional storytelling, professional studio production, clear vocals, high quality mastering, Indian Pop, Ballad, Narrative, Ethereal, Mystical, Folk

Lyrics

[Chorus] चंद्र ग्रहण की रात, आधी रात का साया रेत में दबी वो बावली, किसने उसको जगाया? पत्थरों के बीच मैं, नींद में था सोया जागा तो चारों ओर, एक अजीब सा शोर था [Verse] राजस्थान की वो माटी, जहाँ सदियों का राज़ है टूटी मूर्तियाँ खड़ी, जैसे कोई ख़्वाब है जैस्मिन के हारों में, वो आँखें थीं पथरीली मौन थीं पर बोलतीं, बातें थीं बड़ी गहरी [Pre-Chorus] ये कौन सी माया है, ये कैसा बुलावा है? रेशम में लिपटा तन, किसने ये पहनाया है? वो आवाज़ें गूंजीं, हवा में थीं ख़ामोश जैसे सदियों पुरानी, कोई अनकही सी बात [Chorus] चंद्र ग्रहण की रात, आधी रात का साया रेत में दबी वो बावली, किसने उसको जगाया? पत्थरों के बीच मैं, नींद में था सोया जागा तो चारों ओर, एक अजीब सा शोर था [Verse] दीवारों पे चित्र थे, रंग उड़ चुके थे सारे जैसे बीते वक़्त के, रह गए हों इशारे वो बोले, 'ओ गायक, तू है अब हमारा दास' 'ऊपर लिख्खे मंत्र को, तू कर ले आज क़ुबूल' [Pre-Chorus] ये कौन सी माया है, ये कैसा बुलावा है? रेशम में लिपटा तन, किसने ये पहनाया है? वो आवाज़ें गूंजीं, हवा में थीं ख़ामोश जैसे सदियों पुरानी, कोई अनकही सी बात [Chorus] चंद्र ग्रहण की रात, आधी रात का साया रेत में दबी वो बावली, किसने उसको जगाया? पत्थरों के बीच मैं, नींद में था सोया जागा तो चारों ओर, एक अजीब सा शोर था [Bridge] 'नीचे वो संदूक है, कभी खुला नहीं जो आज' 'उसे खोल के देख ले, मिटा दे सारे काज' 'हम तुझे सौंपते हैं, ये ज़िम्मेदारी महान' 'तू है अब मंत्र-गायक, गाएगा तू ये गान' [Verse] मेरे हाथों में गिटार, पर बजते हैं जैसे घंटी बिना हवा के हिलतीं, जैसे कोई प्रेत-शक्ति हर तार में छिपा है, वो सदियों का दर्द मेरे उंगलियों से रिसता, ख़ून भी है सर्द [Outro]

Track Details

Genreballad
Moodmysterious
Scene
Primary Instrumentfemale
Voice Typefemale
Duration3:20
File Size6MB
Language🇮🇳 हिन्दी
Lyrics✓ Available
Created2026-05-22

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