बोधि वृक्ष की छाँव
Folk

बोधि वृक्ष की छाँव

⏱ 3:29
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सुकून भरा समय
📀 Album

सुकून भरा समय

About this track

बोधि वृक्ष की छाँव — Free royalty-free folk music for YouTube, streaming, podcasts. Duration 3:29. No attribution required.

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Duo vocalists, male and female harmonies, blended ensemble, immediate vocal entrance, no instrumental preamble, starts with lyrics, folk music style, tranquil mood, acoustic guitar, fingerpicking, intimate and raw, minimalist, quiet dynamics, serene atmosphere, emotional storytelling, professional studio production, clear vocals, high quality mastering, Indian Folk Ballad, Hindi Pop, Reflective, Serene, Nostalgic

Lyrics

[Chorus] सुनहरी धूप पहाड़ों पर, सुबह की पहली किरण हाथों में पीतल का चक्र, मन में बसी है शांति गहन बोधि वृक्ष की छाँव तले, बैठा बूढ़ा एक महान आँखों में सदियों का ठहराव, और धीमा बहता जीवन [Verse] ओस की बूँदें घास से गिरें, जैसे मोती अनमोल नीली धुंध में धुआँ उठता, पक रही है रोटी गोल दूर कहीं से भैंस की घंटी, धीमी सी बजती जाए बीते कल की यादों में, दादाजी की धुन दोहराए [Pre-Chorus] होंठों पर पुरानी प्रार्थना, जो दादी ने सिखलाई थी हर फेर में एक कहानी, जो सदियों से आई थी चेहरे की झुर्रियों में छुपा, एक सुकून का सागर है जैसे पिघलता हिम, वैसे ही, समय का ये नगर है [Chorus] सुनहरी धूप पहाड़ों पर, सुबह की पहली किरण हाथों में पीतल का चक्र, मन में बसी है शांति गहन बोधि वृक्ष की छाँव तले, बैठा बूढ़ा एक महान आँखों में सदियों का ठहराव, और धीमा बहता जीवन [Bridge] हर फेर के साथ हवा में, एक धीमी सी गूँज उठे पहाड़ों की खामोशी में, जैसे कोई बात छुटे ये मंज़र है ऐसा पावन, जैसे कोई ध्यान लगा हो बीते युगों की बातें, जैसे कोई गान सुना हो [Verse] सूरज की लाली छाई है, बर्फीली चोटियों पर जैसे कोई चित्र बना हो, कोमल रेशम की डोर पर ठंडी हवा का झोंका आए, पत्तों को सहलाए जाए बूढ़ा मन में खोया है, बस यही धीरज पाए [Pre-Chorus] होंठों पर पुरानी प्रार्थना, जो दादी ने सिखलाई थी हर फेर में एक कहानी, जो सदियों से आई थी चेहरे की झुर्रियों में छुपा, एक सुकून का सागर है जैसे पिघलता हिम, वैसे ही, समय का ये नगर है [Chorus] सुनहरी धूप पहाड़ों पर, सुबह की पहली किरण हाथों में पीतल का चक्र, मन में बसी है शांति गहन बोधि वृक्ष की छाँव तले, बैठा बूढ़ा एक महान आँखों में सदियों का ठहराव, और धीमा बहता जीवन [Outro]

Track Details

Genrefolk
Moodtranquil
Scene
Primary Instrumentmixed
Voice Typemixed
Duration3:29
File Size6MB
Language🇮🇳 हिन्दी
Lyrics✓ Available
Created2026-05-14

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