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पिघलती आइसक्रीम — Free royalty-free ballad music for YouTube, streaming, podcasts. Duration 2:34. No attribution required.
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Duo vocalists, male and female harmonies, blended ensemble, opens immediately with vocals, zero-second intro, first note is the voice, ballad music style, nostalgic mood, retro touches, bittersweet tone, memory-evoking, emotional storytelling, professional studio production, clear vocals, high quality mastering, Indian Pop, Ballad, Nostalgic, Folk, Emotional
Lyrics
[Chorus]
वो दो पैसे वाली आइसक्रीम, पिघल रही थी धीरे
गर्मी की वो शाम, यादों में बह रही थी
धूप में गल जाती थी वो डामर की सड़क
और हवा में घुली थी राख, खरबूजे की महक
[Verse]
साँझ के दो बजे थे, गली थी पुरानी
कंधे पे बनियान, नंगे पाँव थी कहानी
बैठा था मैं सीढ़ियों पे, सरकती थी वो धार
मीठी सी वो ठंडक, पेट तक जाती यार
[Pre-Chorus]
दूर से आई आवाज़, 'आइसक्रीम, लाल वाली!'
साथ में झींगुरों का शोर, साइकिल की घंटी न्यारी
[Chorus]
वो दो पैसे वाली आइसक्रीम, पिघल रही थी धीरे
गर्मी की वो शाम, यादों में बह रही थी
धूप में गल जाती थी वो डामर की सड़क
और हवा में घुली थी राख, खरबूजे की महक
[Bridge]
आज इस वातानुकूलित कमरे में खड़ा
वो चिपचिपा सा अहसास, अब भी है जड़ा
वो पंखे की फुरफुर, वो चमेली की खुशबू
ले आती है वापस, वो बचपन की रुत हूबहू
[Verse]
पड़ोस की दीदी आई, आँगन से झाँक के
बोली, 'ले ले बेटा, आधा तरबूज बाँट के'
हाथ में था वो गोल, लाल, रसीला टुकड़ा
और उसने पंखा झेला, जैसे हो कोई झकोरा
[Chorus]
वो दो पैसे वाली आइसक्रीम, पिघल रही थी धीरे
गर्मी की वो शाम, यादों में बह रही थी
धूप में गल जाती थी वो डामर की सड़क
और हवा में घुली थी राख, खरबूजे की महक
[Outro]
वो दो पैसे वाली आइसक्रीम...
Track Details
| Genre | ballad |
| Mood | nostalgic |
| Scene | — |
| Primary Instrument | mixed |
| Voice Type | mixed |
| Duration | 2:34 |
| File Size | 4MB |
| Language | 🇮🇳 हिन्दी |
| Lyrics | ✓ Available |
| Created | 2026-05-12 |