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पुरानी कोठी का आँगन — No copyright music, folk music royalty free. Copyright free music for YouTube, streaming, podcasts, and video creation. Duration 3:38. No attribution required.
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Lyrics
[Chorus]
आम की खट्टी-मीठी डली, होंठों पे है आज भी
बरगद की छाँव में, वो दोपहरें याद हैं
नीम की कड़वी धूप में, तेरी-मेरी बात थी
वो पुरानी कोठी का आँगन, दिल में आबाद है
[Verse]
धूल उड़ी, हवा चली, दरवाज़े पे मैं खड़ा
सावन की पहली फुहार, गीली मिट्टी की महक
सामने आँगन के वो नीम, जड़ों में छुपा वो डब्बा
यादों की चाबी कहीं, दिल में ही अटक गई
[Pre-Chorus]
माँ की रसोई से आती, चपाती की खुशबू
लकड़ी का झूला वो, धीमी सी आवाज़ करे
हर लम्हा जैसे ठहरा, उस पल में ही खोया
वो बचपन का जहाँ, अब भी मुझे पुकारे
[Chorus]
आम की खट्टी-मीठी डली, होंठों पे है आज भी
बरगद की छाँव में, वो दोपहरें याद हैं
नीम की कड़वी धूप में, तेरी-मेरी बात थी
वो पुरानी कोठी का आँगन, दिल में आबाद है
[Verse]
जंग लगी चाबी, वो गुल्लक में पड़ी थी
पुरानी फिल्म की टिकट, रंग उसका फीका था
गिनते थे चींटियों की कतार, ईंटों के बीच में
तेरी-मेरी दोस्ती का, वो पहला अहसास था
[Pre-Chorus]
माँ की रसोई से आती, चपाती की खुशबू
लकड़ी का झूला वो, धीमी सी आवाज़ करे
हर लम्हा जैसे ठहरा, उस पल में ही खोया
वो बचपन का जहाँ, अब भी मुझे पुकारे
[Chorus]
आम की खट्टी-मीठी डली, होंठों पे है आज भी
बरगद की छाँव में, वो दोपहरें याद हैं
नीम की कड़वी धूप में, तेरी-मेरी बात थी
वो पुरानी कोठी का आँगन, दिल में आबाद है
[Bridge]
वो नीम का पेड़ गहरा, जहाँ हम बैठते थे
बिखरे हुए थे लम्हे, जैसे कागज के टुकड़े
हर बात तेरी, हर हँसी, आज भी गूँजती है
खोए हुए रास्तों पे, तेरी याद मुझे खींचे
[Verse]
वो बरगद की छाँव अभी भी वैसी है
धूप अभी भी तीखी है, शाम अभी ढल रही
पर तेरे बिना सब सूना, जैसे कोई कहानी
जो पूरी हुई नहीं, बस यूँ ही रह गई
[Outro]
Track Details
| Genre | folk |
| Mood | nostalgic |
| Scene | — |
| Primary Instrument | mixed |
| Voice Type | mixed |
| Duration | 3:38 |
| File Size | 6MB |
| Language | 🇮🇳 हिन्दी |
| Lyrics | ✓ Available |
| Created | 2026-06-01 |