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नीले दरवाज़े — Free royalty-free folk music for YouTube, streaming, podcasts. Duration 2:35. No attribution required.
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Lyrics
[Chorus]
शाम ढले, यूपी की गलियों में, साइकिल मेरी भागे
टिन की छतों से चाय की खुशबू, हवा में ऐसे जागे
नीले दरवाजों की वो दरारें, यादों को फिर से ताज़ा करें
बीते बचपन की वो गलियां, आज भी मुझको भाएं
[Verse]
धूल उड़े, मिट्टी की खुशबू, साँसें मेरी भर जाए
पुरानी बातें, पुराने घर, मन मेरा उदास न हो जाए
लोहे के हैंडिल पकड़े, वो बचपन का साथी
आज भी मेरे संग है, जैसे कल की ही रात थी
[Pre-Chorus]
रेडियो पे वो धुन पुरानी, फिल्म का वो तराना
साँझ की गर्मी, वो हवा का झोंका, सब कुछ है सुहाना
[Chorus]
शाम ढले, यूपी की गलियों में, साइकिल मेरी भागे
टिन की छतों से चाय की खुशबू, हवा में ऐसे जागे
नीले दरवाजों की वो दरारें, यादों को फिर से ताज़ा करें
बीते बचपन की वो गलियां, आज भी मुझको भाएं
[Verse]
बरगद की छाँव के नीचे, ईंटों की वो दीवार
दोस्तों संग खेली वो बाजी, भूला न वो संसार
सब कुछ वैसा ही है आज भी, बस मैं ही थोड़ा बदला
वो छोटा लड़का, अब बड़ा हुआ, वक़्त का ये है फंदा
[Bridge]
छाया मेरी लम्बी होती, सूरज जैसे ढलता जाए
वो नन्हा सा परछाईं, आज मुझमें मिल जाए
[Chorus]
शाम ढले, यूपी की गलियों में, साइकिल मेरी भागे
टिन की छतों से चाय की खुशबू, हवा में ऐसे जागे
नीले दरवाजों की वो दरारें, यादों को फिर से ताज़ा करें
बीते बचपन की वो गलियां, आज भी मुझको भाएं
[Outro]
Track Details
| Genre | folk |
| Mood | nostalgic |
| Scene | — |
| Primary Instrument | mixed |
| Voice Type | mixed |
| Duration | 2:35 |
| File Size | 4MB |
| Language | 🇮🇳 हिन्दी |
| Lyrics | ✓ Available |
| Created | 2026-06-02 |