Preview
About this track
कांसे का आईना — Free royalty-free ballad music for YouTube, streaming, podcasts. Duration 2:28. No attribution required.
AI Generation Prompt
Female vocalist, warm and expressive, emotionally rich, no intro, vocals start within the first second, drops directly into the main theme, ballad music style, mysterious mood, emotional storytelling, professional studio production, clear vocals, high quality mastering, Indian Pop, Ballad, Mystical, Poetic, Emotional
Lyrics
[Chorus]
आईना कभी देखा है, क्या बीता कल?
सदियों की आहटें, धुंधला सा पल
पत्थर की दीवारों में, छुपा वो राज़
नदी की लहरों में, बहते अंदाज़
[Verse]
गंगा के तट पर, चाँदनी छाई है
बुज़ुर्गों की आँचल में, एक बात आई है
हाथों में दीप लिए, वो बैठे हैं पास
कहते हैं किस्से, भूली हुई आस
[Pre-Chorus]
सूने राहों पर, जब कोई गुज़रे
राज़ों की गूँज, तब कानों में फिसले
डूबा शहर, सदियों के पार
चाँद के घटते ही, बजती है पुकार
[Chorus]
आईना कभी देखा है, क्या बीता कल?
सदियों की आहटें, धुंधला सा पल
पत्थर की दीवारों में, छुपा वो राज़
नदी की लहरों में, बहते अंदाज़
[Bridge]
टूटी दरारों से, झाँके वो नज़ारा
एक कांसे का आईना, सच का इशारा
जो देखे उस पार का, हर एक मंज़र
क्या उसमें दिखी, मेरी पुरानी डगर?
[Verse]
जैसे लहरें उठें, फिर खुद में सिमट जाएँ
दीप की लौ काँपे, परछाइयाँ मिट जाएँ
वो कांसे का आईना, छुपा है गहरा
उसका सच जानना, है खुद को परखना
[Pre-Chorus]
सूने राहों पर, जब कोई गुज़रे
राज़ों की गूँज, तब कानों में फिसले
डूबा शहर, सदियों के पार
चाँद के घटते ही, बजती है पुकार
[Chorus]
आईना कभी देखा है, क्या बीता कल?
सदियों की आहटें, धुंधला सा पल
पत्थर की दीवारों में, छुपा वो राज़
नदी की लहरों में, बहते अंदाज़
[Outro]
Track Details
| Genre | ballad |
| Mood | mysterious |
| Scene | — |
| Primary Instrument | female |
| Voice Type | female |
| Duration | 2:28 |
| File Size | 4MB |
| Language | 🇮🇳 हिन्दी |
| Lyrics | ✓ Available |
| Created | 2026-05-15 |